📚संथाल जनजाति का सामान्य परिचय:- • संथाल झारखण्ड की प्रमुख जनजाति है। झारखण्ड की जनजाति में सबसे अधिक संख्या संथालों की है। • प्रजातीय दृष्टि से संथाल को प्रोटो-ऑस्ट्रोलॉयड श्रेणी में रखा गया है। • प्रजातीय और भाषिक दृष्टि से संथाल जनजाति आस्ट्रिक जनजाति के बहुत नजदीक है। • इनकी बहुलता के कारण ही राज्य का उत्तर-पूर्वी भाग संथाल परगना कहलाता है। • राजमहल पहाड़ियों में इनके निवास स्थल को दामिन-ए-कोह कहा जाता है। • झारखण्ड में संथालों का मुख्य निवास स्थल संथाल परगना है। • यह जनजाति ‘संथाल परगना’ के अतिरिक्त हजारीबाग, बोकारो, गिरिडीह, चतरा, रांची, सिंहभूम, धनबाद, लातेहार तथा पलामू में पर भी पायी जाती है। • संथालों में कुल 12 गोत्र पाये जाते हैं। ये हैं- हांसदा, मुर्मू, हेम्ब्रम, किस्कू, मरांडी, सोरेन, बास्के, टुडु, पौड़िया, बेसरा, चोंडे। • इनके के त्योहारों का प्रारंभ आषाढ़ महीना से होता है। इनके प्रमुख त्योहार बाहा/बा, ऐरोक, सरहुल, करम, बंधना, हरियाड, जापाड, सोहराई, सकरात, माघसिम और हरिहारसिम हैं। • संथालों का उत्सवप्रिय त्...